हिन्दू धर्म में भक्ति योग से आशय अपने इष्ट देवता में अनुराग रख कर आन्तरिक विकास करने से है। भजन कीर्तन व सत्संग करना। इसे ‘भक्ति मार्ग’ भी कहते हैं। यह उन तीन मार्गों में से एक है, जिससे मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। अन्य दो मार्ग हैं- ज्ञान योग तथा कर्म योग। भक्ति की परम्परा बहुत पुरानी है। श्वेताश्वतर उपनिषद में ‘भक्ति’ का उल्लेख है। भगवद्गीता में मोक्ष के तीन मार्ग बताए गए हैं जिनमें से भक्तियोग एक है।
- Publisher : Sahitya Sarowar Original Black Classics
- Language : Hindi
- Paperback : 88 pages
- Item Weight : 230 g
- Country of Origin : India






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