“शूद्र कौन थे?” डॉ. बी. आर. आंबेडकर की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक कृति है, जिसमें उन्होंने प्राचीन भारतीय समाज-व्यवस्था और वर्ण-व्यवस्था का ऐतिहासिक, सामाजिक एवं तार्किक विश्लेषण प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक शूद्रों की उत्पत्ति, उनकी सामाजिक स्थिति और उनके साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय पर गहन प्रकाश डालती है।
लेखक ने वैदिक साहित्य, धर्मशास्त्रों और ऐतिहासिक स्रोतों के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि शूद्र कोई जन्मजात निम्न वर्ग नहीं थे, बल्कि सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उन्हें हाशिए पर धकेला गया। यह पुस्तक सामाजिक न्याय, समानता और मानव अधिकारों पर गंभीर विमर्श प्रस्तुत करती है।
- Publisher : SAHITYA SAROWAR ORIGINAL BLACK CLASSIC
- Edition : Classic Edition
- Print length : 152 pages
- Reading age : 10 years and up
- Item Weight : 200 g
- Dimensions : 21.5 x 14 x 1.3 cm









Reviews
There are no reviews yet.