रघुवंश महाकाव्यम् (द्वितीय सर्ग) एवं किरातार्जुनीयम् (प्रथम सर्ग) – हिन्दी अनुवाद सहित का यह विशेष कॉम्बो नवीन UP TGT संस्कृत पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। इसमें संस्कृत मूलपाठ के साथ सरल एवं स्पष्ट हिन्दी अनुवाद, पदच्छेद, शब्दार्थ तथा परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी व्याख्या दी गई है। यह पुस्तक-समूह UP TGT, संस्कृत अध्यापक भर्ती, विश्वविद्यालयीय अध्ययन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। महाकवि कालिदास के रघुवंश के द्वितीय सर्ग तथा महाकवि भारवि के किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग का व्यवस्थित अध्ययन इस संस्करण की विशेषता है। नवीन UP TGT संस्कृत पाठ्यक्रम में इन ग्रंथों का अध्ययन महत्वपूर्ण माना गया है।
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Raghuvansh Mahakavyam – 2nd Sarg & Kiratarjuniyam (Pratham Sarg) | Hindi Anuvad Sahit | Combo of 2 Books | Sanskrit Literature
₹244.00






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