रघुवंश महाकाव्यम् (द्वितीय सर्ग) एवं शिवराजविजयम् (प्रथम निःश्वास) का यह विशेष कॉम्बो नवीन UP TGT संस्कृत पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। इसमें मूल संस्कृत पाठ के साथ सरल एवं स्पष्ट हिन्दी अनुवाद दिया गया है, जिससे विद्यार्थी प्रत्येक श्लोक एवं गद्यांश का अर्थ आसानी से समझ सकें। यह पुस्तक प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से UP TGT संस्कृत, B.Ed., स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। महाकवि कालिदास रचित रघुवंश महाकाव्य का द्वितीय सर्ग राजा दिलीप एवं नन्दिनी की कथा का उत्कृष्ट वर्णन प्रस्तुत करता है, जबकि अम्बिकादत्त व्यास रचित शिवराजविजयम् का प्रथम निःश्वास अपने उत्कृष्ट गद्य, राष्ट्रभावना एवं साहित्यिक सौन्दर्य के लिए प्रसिद्ध है। दोनों ग्रन्थ वर्तमान UP TGT संस्कृत पाठ्यक्रम में निर्धारित हैं।
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Raghuvansh Mahakavyam (Dwitiya Sarg) & Shivrajvijyam (Pratham Nishwas) Combo | Sanskrit Text with Hindi Anuvad | Sanskrit Syllabus (Set of 2 Books)
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